‘भाव विलास’ के रचनाकार हैं?, केशवदास, देव, पद्माकर, मतिराम, काव्य की प्रवृत्ति एवं रचना शैली के आधार पर रीतिकाल की कितनी धाराएँ स्वीकार की गई हैं?, 1, 2, 3, 6, ‘द्विवेदी युग’ का नाम किसके नाम पर पड़ा?, ) हजारी प्रसाद द्विवेदी, ) भारतेंदु हरिश्चंद्र, महावीर प्रसाद द्विवेदी, ) जयशंकर प्रसाद, छायावादी काव्य का काल माना जाता है —, 1918 से 1938, ) 1842 से 1890, 1643 से 1868, 1868 से 1900, छायावाद युग की मुख्य विशेषता है —, युद्धों का सजीव वर्णन, भक्ति की प्रधानता, यथार्थ चित्रण, प्रकृति का मानवीकरण, प्रयोगवाद के प्रवर्तक हैं —, जगदीशचंद्र ‘रूपक’, मैत्रिलीशरण गुप्त, अज्ञेय, निराला, तीसरा सप्तक’ काव्य संग्रह का प्रकाशन किस वर्ष, वर्ष 1943, वर्ष 1939, वर्ष 1959, वर्ष 1940, प्रयोगवाद युगीन कृति है —, कामायनी, प्रियप्रवास, रंग में भंग, धूप के धान, ‘धूप के धान’ रचना किसकी है?, ) धर्मवीर भारती, गिरिजा कुमार माथुर, भवानी प्रसाद मिश्र, रघुवीर सहाय, प्रयोगवादी काव्यधारा के कवि हैं —, भूषण, अज्ञेय, सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा, धर्मवीर भारती की रचना का नाम है —, ) आँगन के पार द्वार, सुनहरे शैवाल, बुनी हुई रस्सी, ) कनुप्रिया, ‘प्रथम तारसप्तक’ काव्य-संग्रह का प्रकाशन किस वर्ष हुआ?, वर्ष 1959, वर्ष 1943, वर्ष 1955, वर्ष 1946, तारसप्तक’ के कवियों को ‘अज्ञेय’ ने क्या कहकर सम्बोधित किया?, ) राहों के अन्वेषी, ख) नई धारा के साथी, साहित्य साधक, पथ के साथी, ‘तारसप्तक’ के सम्पादक हैं —, सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’, ) नरेंद्र शर्मा, भवानी प्रसाद मिश्र, केशव, ‘दूसरा सप्तक’ का प्रकाशन वर्ष है —, वर्ष 1943, वर्ष 1951, वर्ष 1979, वर्ष 1985

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