चिड़िया तिनका पकड़ लाई।, रविवार का दिन आया।, जादूगर कमाल का जादू दिखाकर चला गया, बुलबुल झुमका पहनकर ठुमक -ठुमक कर नाच उठी।, अखिल डलिया भरकर दाना लाया।, रिमझिम बारिश आ गई।, तभी एक कबूतर निकलकर उड़ा।, कुसुम ख़ुशी -ख़ुशी लाल चुनरी लायी।, दीवार पर दीपक सजाया।, नारियल, किशमिश, मिठाई लाई।, पीला रुमाल व काली छड़ी भी लाया।, आज ,गुड़िया की शादी पर उसका घर सजा।, मिठाई खाकर रविवार का दिन बिताया।, सीता- राम जी की आरती गाई।, आज जादूगर आया।, बुधवार की सुबह हुई।, छवि साइकिल पर बाजार गई।, नानी लीची, पपीता, नाशपाती, मिठाई लाई।, कच्चा पापड़ पक्का पापड़, दुबे दुबई में डूब गया, जो हँसेगा वो फँसेगा जो फँसेगा वो हँसेगा, डबल बबल गम बबल डबल, नीली रेल लाल रेल नीली रेल लाल रेल, खड़क सिंह के खड़कने से खड़कती हैं खिड़कियाँ , खिड़कियों के खड़कने से खड़कता है खड़क सिंह, चंदु के चाचा ने चंदु की चाची को, चाँदनी चौक में, चाँदनी रात में, चाँदी के चम्मच से चटनी चटाई, समझ समझ के समझ को समझो समझ समझना भी एक समझ है, समझ समझ के जो ना समझे मेरी समझ में वो नासमझ है, पके पेड़ पर पका पपीता पका पेड़ या पका पपीता.

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